Entertainment 2 Enlightenment | Before OSHO After OSHO
Hindi

ध्यान वैज्ञानिक प्रक्रिया है

cropped images 11

तुम जब चिकित्सक के पास जाते हो, तो तुम यह नहीं कहते कि मैं हिंदू हूं, मुझको हिंदू दवा देना। वह कहेगा, बाहर निकल जाओ! कभी दोबारा यहां आना मत! दवाएं हिंदू नहीं होती! न बीमारियां हिंदू होती हैं! बीमारियां बीमारियां हैं, दवाएं दवाएं हैं। और तुम चाहे हिंदू होओ तो भी तुम्हारी टी.बी.के लिए वही पेनिसिलिन काम आएगी, और चाहे तुम मुसलमान होओ तो भी वही पेनिसिलिन काम आएगी। चिकित्सक को पूछने की जरूरत नहीं होती कि तुम पहले यह तो बताओ कि तुम हिंदू हो कि मुसलम…ान? फिर मैं तय करूं कि दवा क्या देनी है। तुम्हारी बीमारी क्या है?

मन तुम्हारी बीमारी है। पांडित्य तुम्हारी बीमारी है। ज्ञान तुम्हारी बीमारी है शास्त्र तुम्हारी बीमारी है। हां, शास्त्र हिंदू होते हैं। ज्ञान हिंदू होता है, मुसलमान होता है, जैन होता है, ईसाई होता है। मैं तत्वज्ञानी नहीं हूं। इसलिए मैं यहां किसी को हिंदू नहीं बनाता, मुसलमान नहीं बनाता। यहां तो हिंदू आएगा तो धीरे-धीरे आदमी हो जाएगा, मुसलमान आएगा तो आदमी हो जाएगा, ईसाई आएगा तो आदमी हो जाएगा। ये रोग गये। आदमी हो जाना पर्याप्त है। मैं तुम्हें जाल से मुक्त होने की सिर्फ एक कीमिया देता हूं। उस कीमिया का नाम ध्यान है। ध्यान का इतना ही अर्थ है कि कैसे तुम्हारे भीतर मौन हो जाए, चुप्पी हो जाए। मन कैसे बिलकुल शांत हो जाए। जब मन शांत हो जाता है, तो तुम भीतर की आवाज को सुन पाते हो।

वही आवाज प्रार्थना है। वही आवाज अर्चना है। वही आवाज वंदना है। फिर उसकी कोई रीति नहीं होती, कोई विधि-विधान नहीं होता, यज्ञ-हवन नहीं होता, पंडित-पुरोहित नहीं होते। वह तो फिर उठने लगती है तुम्हारे भीतर से। जैसे दीये से ज्योति झरती है.

Related posts

प्रेम एक रहस्य है, सबसे बड़ा रहस्य..

Rajesh Ramdev Ram

वासना क्या है और प्रार्थना क्या है?

Rajesh Ramdev Ram

भारत की शिक्षा प्रणाली

Rajesh Ramdev Ram

Leave a Comment

Newsletter SignupOnly Positive News

Subscribe to our weekly newsletter below and never miss the latest Positive News.

//ugroocuw.net/4/3547418