Month : April 2017

HINDI

विनोद खन्‍ना–एक पहचान परदों के पार

Rajesh Ramdev Ram
मेरा आध्‍यात्‍मिक जीवन तब शुरू हुआ जब मैं उस मुकाम पर पहुंच गया था, जहां पर बहार की कोई चीज में मायना नहीं रखती थी।...
HINDI

पश्‍चिम की स्‍त्री ने पहली बार पुरूष के साथ समानता के अधिकार की घोषणा की है।

Rajesh Ramdev Ram
चाहे पुरूष कैसा ही गलत हो। हमारे शास्‍त्रों में इसकी बड़ी प्रशंसा की गई है। कि अगर कोई पत्‍नी अपने पति को—बूढ़े, मरते, सड़ते, कुष्‍ठ...
HINDI

राम के राज्य में आदमी बाजारों में गुलाम की तरह बिकते थे।

Rajesh Ramdev Ram
राम के समय को तुम रामराज्य कहते हो। हालात आज से भी बुरे थे। कभी भूल कर रामराज्य फिर मत ले आना! एक बार जो...